कलेक्टर भेज रहे हैं थाने और थानेदार भेज रहे हैं कलेक्टर के पासकिसी की बेटी बीमार है, तो कोई खुद है पीडि़त
दूसरे राज्य के लोगों को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं
लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्य के कई लोग रायपुर में फंसे हैं। उन्हें अपने घर जाने के लिए परमिशन नहीं मिल रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी उन्हें थानेदारों के पास भेजते हैं और थानेदार उन्हें वापस जिला प्रशासन के अधिकारियों के पास भेज रहे हैं। इससे कई लोग परेशान हो गए हैं। दरअसल करीब पांच दिन पहले दूसरे राज्य या शहर के लोगों को आवश्यक होने पर अपने घर या दूसरे शहर जाने के लिए थानों के माध्यम से सीएसपी परमिशन दे रहे थे। अब इस व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। पुलिस किसी को परमिशन नहीं देगी। जिला प्रशासन के अधिकारी ही इस निर्णय लेंगे। इस कारण थानों में आवेदन लेना बंद कर दिया गया। आवेदकों को कलेक्टर के पास भेजा गया। पीडि़त कलेक्टर के पास गए, तो कलेक्टर कार्यालय में इस तरह के आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया। सभी को फिर अपने-अपने इलाके के थाने में जाने के लिए कहा गया। दूसरी ओर लोग थाने पहुंचे, तो वहां थानेदारों ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में पीडि़ताों की परेशानी बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि रायपुर में बिहार, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के शहरों से कामकाज, शिक्षा, नौकरी या अन्य कार्य के सिलसिले में कई लोग आए हैं। अचानक लॉकडाउन होने से उन लोगों को वापस अपने घर जाने का मौका नहीं मिला। उनके पास अब रायपुर में गुजारा करने की व्यवस्था भी नहीं है। खासकर ठेले-खोमचे वाले, मजदूर, होटल-रेस्टोरेंट कर्मचारियों और अन्य कामकाज करने वालों को ज्यादा समस्या हो रही है।
कलेक्टोरेट से भेजा दिया थाने
रविवार को अवकाश होने के बावजूद 50 से ज्यादा लोग कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। सभी दूसरे राज्य के हैं और अपने घर जाना चाहते हैं। सभी ने अनुमति देने की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें थाने में आवेदन करने के लिए कहा। इसके बाद कई लोग थाने पहुंचे। वहां से उन्हें फिर कलेक्टर के पास जाने के लिए कहा गया। इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारी भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर ऐसे लोगों को परमिशन देना है या नहीं।
30 से ज्यादा लोग परेशान
गुढिय़ारी निवासी जितेंद्र चौहान ने बताया कि वह ग्वालियर जाना चाहते हैं। वे गुपचुप का ठेला लगाते थे। दुकान बंद हो गई है। उसके 30 अन्य साथी भी बेरोजगा
र हो गए हैं। अब अपने घर जाना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से परमिशन नहीं मिल रहा है। इसी तरह कोटा निवासी विक्रम सिंह उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। उन्हें भी अपने घर जाना है, लेकिन परमिशन नहीं मिलने से वह भी परेशान हैं। लोगों की परेशानी से कलेक्टर-एसएसपी को अवगत कराया गया। इस संबंध में उन्होंने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया।
No comments:
Post a Comment