लोगों की सहायता के लिए छोटे बच्चे अपने गुल्लक दान दे रहे
गरीबों की मदद करने आगे आ रहे बच्चे
रायपुर.
कोरोना वॉयरस संक्रमण के चलते देश और प्रदेश की हालात बिगड़ती जा रही है। संक्रमण को बढऩे से रोकने केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन कर दिया है। इससे सभी काम धंधे बंद हो गए हैं। लोगों का रोजगार छिन गया है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति की समस्या होने लगी है। कोरोना से पूरी आबादी जंग लड़ रही है। इस जंग में नन्हें हाथों से भी बड़ी मदद की जा रही है। यह मदद देखने में बहुत छोटी है, लेकिन मदद करने वालों की भावनाएं बहुत बड़ी है। रायपुर में कोरोना संक्रमण से लडऩे कोई आर्थिक मदद कर रहा है, तो कोई और कुछ मदद कर रहा है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने अनमोल बचत को भी दान कर रहे हैं, ताकि कोई भूखा न सोए। मदद में नन्हें-मुन्ने बच्चे अपने गुल्लक दान में दे रहे हैं। और अपेक्षा कर रहे हैं कि उनकी यह छोटी सी मदद किसी न किसी रूप में जरूरतमंदों के काम आ जाए। बच्चों के मन में मदद की भावना को देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा कर रहा है। और उनका उत्साहवर्धन कर रहा है।
चॉकलेट के पैसे बचाकर किया था जमा, अब सही काम आएगा
खम्हारडीह थाना प्रभारी ममता अली शर्मा रोज की तरह लॉकडाउन में बेवजह घूमने वालों की चेकिंग में लगी थी। बीटीआई ग्राउंड के पास चेकिंग पाइंट में वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान 11 साल की योगिता पाणिग्रही उनके पास पहुंची। और टीआई शर्मा को अपने नन्हें हाथों से एक गुल्लक सौंपा। और कहा कि मेम यह मेरी छोटी सी बचत जरूरतमंद लोगों के लिए है। इस राशि का उपयोग उन जरूरतमंदों और भूखों को खाना खिलाने या उन्हें अनाज देने में किया जाए। टीआई शर्मा ने योगिता से गुल्लक लिया और उनके इस कदम की सराहना किया।
भाई-बहन ने दिया सीएम रिलिफ फंड में गुल्लक
पुरानी बस्ती के कुशालपुर में रहने वाली वीरा यादव और उसका भाई ऐश्वर्य ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपना गुल्लक दान में दे दिया। दोनों करीब 8 और 10 साल के हैं। दोनों ने पुरानीबस्ती थाना के टीआई राजेश सिंह को अपना गुल्लक सौंपा। गुल्लक में करीब 1770 रुपए थे। इस रकम को दोनों बच्चों ने अपने-अपने पॉकेट मनी से बचाकर जमाा किया था। अब यह रकम जरूरतमंदों के काम आएगी। और उनकी थोड़ी मदद हो सकेगी।
लॉकडाउन से बिगड़े हालात
रायपुर में लॉकडाउन से हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। बेरोजगारी और आर्थिक तंगी बढ़ती जा रही है। शासन राहत अभियान भी चला रहा है। बीपीएल और एपीएल कार्ड वालों को रियायती दरों में अनाज दिया जा रहा है, लेकिन रोजमर्रा की दूसरी चीजों के लिए भारी मारामारी शुरू हो गई है। लोगों को दैनिक जरूरत की चीजें भी आसानी से नहीं मिल रही है। और जो मिल रही है, उसके रेट अधिक हैं। प्रशासन कालाबाजारी नहीं होने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है।
सब्जी-भाजी के रेट काफी अधिक बढ़ गए हैं। दूसरी ओर फलों के भाव में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा अन्य छोटी-बड़ी चीजों की किल्लत बनी हुई है। रोज कमाने-खाने वालों के लिए समस्या बढ़ गई है।
पीएम-सीएम राहत कोष
कोरोना संक्रमण से हुए लॉकडाउन के बाद भारी आर्थिक नुकसान देश और प्रदेश में हो रहा है। बेरोजगार और गरीबों को मदद पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष बनाया गया है। इसमें कोई भी अपनी जरूरत के हिसाब से दान कर सकता है। इस राशि का उपयोग लॉकडाउन से प्रभावितों के लिए किया जाएगा। आर्थिक सहायता के अलावा कई स्वयं सेवी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं और लोगों को खाना बनाकर खिला रहे हैं।
गरीबों की मदद करने आगे आ रहे बच्चे
रायपुर.
कोरोना वॉयरस संक्रमण के चलते देश और प्रदेश की हालात बिगड़ती जा रही है। संक्रमण को बढऩे से रोकने केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन कर दिया है। इससे सभी काम धंधे बंद हो गए हैं। लोगों का रोजगार छिन गया है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति की समस्या होने लगी है। कोरोना से पूरी आबादी जंग लड़ रही है। इस जंग में नन्हें हाथों से भी बड़ी मदद की जा रही है। यह मदद देखने में बहुत छोटी है, लेकिन मदद करने वालों की भावनाएं बहुत बड़ी है। रायपुर में कोरोना संक्रमण से लडऩे कोई आर्थिक मदद कर रहा है, तो कोई और कुछ मदद कर रहा है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने अनमोल बचत को भी दान कर रहे हैं, ताकि कोई भूखा न सोए। मदद में नन्हें-मुन्ने बच्चे अपने गुल्लक दान में दे रहे हैं। और अपेक्षा कर रहे हैं कि उनकी यह छोटी सी मदद किसी न किसी रूप में जरूरतमंदों के काम आ जाए। बच्चों के मन में मदद की भावना को देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा कर रहा है। और उनका उत्साहवर्धन कर रहा है।
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| खम्हारडीह टीआई ममता अली शर्मा को गुल्लक सौपती बालिका |
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| पुरानीबस्ती टीआई राजेश सिंह को अपना गुल्लक देते भाई बहन |
भाई-बहन ने दिया सीएम रिलिफ फंड में गुल्लक
पुरानी बस्ती के कुशालपुर में रहने वाली वीरा यादव और उसका भाई ऐश्वर्य ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपना गुल्लक दान में दे दिया। दोनों करीब 8 और 10 साल के हैं। दोनों ने पुरानीबस्ती थाना के टीआई राजेश सिंह को अपना गुल्लक सौंपा। गुल्लक में करीब 1770 रुपए थे। इस रकम को दोनों बच्चों ने अपने-अपने पॉकेट मनी से बचाकर जमाा किया था। अब यह रकम जरूरतमंदों के काम आएगी। और उनकी थोड़ी मदद हो सकेगी।
लॉकडाउन से बिगड़े हालात
रायपुर में लॉकडाउन से हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। बेरोजगारी और आर्थिक तंगी बढ़ती जा रही है। शासन राहत अभियान भी चला रहा है। बीपीएल और एपीएल कार्ड वालों को रियायती दरों में अनाज दिया जा रहा है, लेकिन रोजमर्रा की दूसरी चीजों के लिए भारी मारामारी शुरू हो गई है। लोगों को दैनिक जरूरत की चीजें भी आसानी से नहीं मिल रही है। और जो मिल रही है, उसके रेट अधिक हैं। प्रशासन कालाबाजारी नहीं होने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है।
सब्जी-भाजी के रेट काफी अधिक बढ़ गए हैं। दूसरी ओर फलों के भाव में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा अन्य छोटी-बड़ी चीजों की किल्लत बनी हुई है। रोज कमाने-खाने वालों के लिए समस्या बढ़ गई है।
पीएम-सीएम राहत कोष
कोरोना संक्रमण से हुए लॉकडाउन के बाद भारी आर्थिक नुकसान देश और प्रदेश में हो रहा है। बेरोजगार और गरीबों को मदद पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष बनाया गया है। इसमें कोई भी अपनी जरूरत के हिसाब से दान कर सकता है। इस राशि का उपयोग लॉकडाउन से प्रभावितों के लिए किया जाएगा। आर्थिक सहायता के अलावा कई स्वयं सेवी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं और लोगों को खाना बनाकर खिला रहे हैं।


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